भारतीय रक्षा और मरीन सेक्टर में आजकल सबसे ज़्यादा चर्चा अगर किसी कंपनी की हो रही है, तो वो है Cochin Shipyard Ltd। एक और बड़े इंटरनेशनल कॉन्ट्रैक्ट की घोषणा के बाद कंपनी के शेयरों में हल्की तेजी देखी गई, और निवेशकों का भरोसा इस Miniratna पर और मजबूत होता दिख रहा है।

कौन-सा बड़ा कॉन्ट्रैक्ट मिला?
कंपनी ने डेनमार्क की Svitzer के साथ चार फुली इलेक्ट्रिक TRAnsverse 2600E टग्स बनाने का कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है।
इसका वैल्यूएशन ₹250–500 करोड़ के बीच माना जा रहा है, जिसे एक्सचेंज ने “Significant Order” वर्ग में रखा है।
डिलीवरी 2027 के अंत से शुरू होंगी, और चाहे तो Svitzer अतिरिक्त चार और टग्स का ऑर्डर भी दे सकती है।
ये प्रोजेक्ट कई वजहों से खास है:
- भारत के Maritime Vision 2030, Amrit Kaal Vision 2047 को सपोर्ट करता है
- “Make in India” इनिशिएटिव को मजबूती
- कोचीन शिपयार्ड की इलेक्ट्रिक/ग्रीन शिपिंग क्षमता को ग्लोबल लेवल पर दिखाने का मौका
शेयर प्राइस मूवमेंट
मार्केट कैप लगभग ₹43,236 करोड़।
शेयर हल्की बढ़त के साथ ₹1,644 पर ट्रेड होता दिखा – लगभग intraday low से 2% ऊपर।
पिछले कुछ महीनों में कई सरकारी और defence-linked कॉन्ट्रैक्ट्स ने इस स्टॉक को निवेशकों की वॉचलिस्ट में बनाए रखा है।
कंपनी का ताज़ा ऑर्डर बुक स्टेटस (Big Picture)
कोचीन शिपयार्ड के पास इस समय एक मजबूत pipeline है, जो लंबे समय का growth visibility देती है।
Order Book Snapshot
| कैटेगरी | वैल्यू |
|---|---|
| कुल ऑर्डर बुक | ₹21,100 करोड़ |
| Defence orders | सबसे बड़ा हिस्सा |
| Commercial export + domestic | महत्वपूर्ण योगदान |
| Ship Repair orders | ₹1,500 करोड़ |
| चालू प्रोजेक्ट्स | 75 vessels execution में |
कंपनी की shipbuilding pipeline भी बहुत मजबूत है – लगभग ₹2,85,000 करोड़, जिसमें से सबसे बड़ा हिस्सा defence से आता है।
Financial Performance
Q2 FY26 में कंपनी की परफॉर्मेंस थोड़ी नरम रही:
- Revenue: ₹1,097 करोड़ से घटकर ₹951 करोड़ (-13%)
- Net Profit: ₹194 करोड़ से गिरकर ₹101 करोड़ (-48%)
इससे साफ है कि cost pressures और execution slowdowns ने तिमाही को प्रभावित किया। लेकिन इतना बड़ा order pipeline इस कमजोरी को बैलेंस करता है और भविष्य की visibility मजबूत बनाए रखता है।
कंपनी क्या करती है?
कोचीन शिपयार्ड भारत की अग्रणी shipbuilding व ship repair कंपनी है, जो defence, commercial और export मार्केट्स के लिए complex vessels बनाती है।
- Aircraft carriers
- Naval ships
- Deep-sea vessels
- High-end tugs
- Repair & maintenance dock
इसके engineering capabilities और तकनीकी expertise की वजह से यह भारत की maritime शक्ति बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
Bottom Line
हालांकि Q2 के financial numbers दबे हुए लगते हैं, लेकिन कंपनी की order visibility, defence contracts, और अब electric tugboats जैसे अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स Cochin Shipyard के लिए एक लंबे और sustainable growth phase का संकेत देते हैं।
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